पेश है Total 66 EVOLUTION चैलेंज।
रिसर्च बताती है कि नई आदत बनने में 66 दिन लगते हैं। पर घबराओ मत, यह सफ़र तीन पड़ावों में बँटा है:
- - तोड़ना (दिन 1-22)
- - जमाना (दिन 23-44)
- - अपनाना (दिन 45-66)
दिन 66 तक तुम्हारी नई आदत पूरी तरह जम चुकी होगी!
क्या रास्ता लंबा है? बिल्कुल। पहले 22 दिन असली इम्तिहान हैं, क्योंकि पुरानी आदतों से लड़ने के लिए तुम्हारे पास सिर्फ़ अपनी इच्छाशक्ति होती है। पर हार मत मानो। सोचो दिन 66 पर तुम्हें कैसा लगेगा, और याद रखो कि ज़िंदगी भर की अच्छी आदतों के लिए 66 दिन बहुत छोटी कीमत है।
तुम्हारी बनाई हर आदत बर्फ़ के उस गोले जैसी है जो लुढ़कते-लुढ़कते रफ़्तार पकड़ता है और फिर रुकता नहीं। चाहे तुम किसी रेस की तैयारी कर रहे हो या बस अपनी सेहत सुधारना चाहते हो, Total 66 चैलेंज ज़िंदगी भर टिकने वाली हेल्दी आदतें शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका है।
नियम
1. शारीरिक सेहत:
30 मिनट के छह वर्कआउट:
-
रोज़ बाहर वॉक:
स्विमिंग, रनिंग, बॉक्सिंग, HIIT वगैरह में से चुनो।
सूरज उगने और डूबने के बीच 30 मिनट।
2. करके सीखना:
एक घंटे का स्किल सेशन:
कोई भाषा सीखो, पियानो बजाओ या प्रोग्रामिंग आज़माओ।
3. सोच-समझकर खाना:
ज़ीरो चीनी और शराब:
पक्की हेल्दी डाइट:
अपनी डाइट से शराब और ऊपर से चीनी मिली चीज़ें हटा दो।
ध्यान रखो कि वह संतुलित हो और पेट भी भरे।
4. डिजिटल डिटॉक्स:
दो दिन बिना सोशल मीडिया:
-
एक दिन बिना स्क्रीन:
न Instagram, न TikTok, न Twitter, न Facebook
फ़ोन सिर्फ़ कॉल और नेविगेशन के लिए।
5. जवाबदेही:
-
रोज़ की गोल डायरी:
हफ्तेवार प्रोग्रेस चेक:
सुबह के लक्ष्य और शाम को दिन का हिसाब।
वज़न, नाप और एक नई फ़ोटो।
सिर्फ़ 66 दिनों में अपनी ज़िंदगी बदलो
आम सवाल
चैलेंज 66 दिन का ही क्यों है?▼
रिसर्च से पता चला है कि नई आदत बनने में औसतन 66 दिन लगते हैं, और हमने Total 66 चैलेंज इसी समय के हिसाब से बनाया है।
66 दिन लगातार मेहनत और हेल्दी आदतों का वादा निभाकर तुम अपने लाइफ़स्टाइल और सेहत में टिकाऊ बदलाव ला सकते हो। हम एक ऐसा तय ढाँचे वाला, फ़ोकस्ड चैलेंज देना चाहते हैं जो असली असर के लिए काफ़ी लंबा हो, पर इतना लंबा नहीं कि भारी या नामुमकिन लगे।
66 दिन का समय बड़े बदलाव और आदत बनाने के लिए काफ़ी है, और साथ ही कुछ हासिल करने का एहसास और वह रफ़्तार देता है जो ज़िंदगी के दूसरे हिस्सों में भी काम आती है।
TOTAL 66 के फ़ायदे?▼
1. बेहतर शारीरिक सेहत: 30 मिनट के छह वर्कआउट और रोज़ बाहर वॉक से ताकत और स्टैमिना बढ़ता है। शराब और ऊपर से मिली चीनी छोड़ने और संतुलित डाइट लेने से तुम्हारी एनर्जी बनी रहती है।
2. हमेशा सीखता रहने वाला दिमाग: एक घंटे का स्किल सेशन तुम्हें सीखने में लगाए रखता है, चाहे वह कोई भाषा हो, पियानो हो या प्रोग्रामिंग। रोज़ की डायरी, जिसमें सुबह लक्ष्य और शाम को दिन का हिसाब लिखा जाता है, तुम्हारे लक्ष्य साफ़ रखती है।
3. स्क्रीन पर कम समय: दो दिन बिना सोशल मीडिया और एक दिन बिना स्क्रीन तुम्हारे ध्यान को आराम देते हैं।
4. मज़बूत आदतें और अनुशासन: 66 दिन तक पाँचों नियम निभाकर तुम ऐसी आदतें और अनुशासन बनाते हो जो ज़िंदगी के दूसरे लक्ष्य पाने में भी काम आते हैं।
5. ज़्यादा आत्मविश्वास: ऐसा चैलेंज पूरा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कुछ हासिल करने का एहसास मिलता है। हफ्तेवार प्रोग्रेस चेक तुम्हें दिखाता है कि तुम कितनी दूर आ चुके हो।
क्या यह 75 HARD से बेहतर है?▼
कुछ लोगों के लिए Total 66 चैलेंज 75 Hard चैलेंज से बेहतर हो सकता है, क्योंकि यह हेल्दी आदतें बनाने का ज़्यादा लचीला और टिकाऊ तरीका देता है। इसकी कुछ वजहें ये हैं:
Total 66 चैलेंज ज़्यादा लचीला है: 75 Hard चैलेंज के नियम और शर्तें सख़्त हैं, जबकि Total 66 चैलेंज रोज़ के कामों और शर्तों में ज़्यादा छूट देता है। इसलिए इसे लंबे समय तक निभाना आसान होता है, क्योंकि तुम चैलेंज को अपनी ज़रूरतों और लाइफ़स्टाइल के हिसाब से ढाल सकते हो।
Total 66 चैलेंज में कम समय लगता है: Total 66 चैलेंज 66 दिन का है, जबकि 75 Hard चैलेंज 75 दिन का है। कुछ लोगों के लिए इतना समय निकालना ज़्यादा आसान है, और इससे चैलेंज पूरा करना ज़्यादा मुमकिन लगता है।
Total 66 चैलेंज का फ़ोकस आदतें बनाने पर है: Total 66 चैलेंज इस तरह बनाया गया है कि तुम ज़िंदगी भर टिकने वाली हेल्दी आदतें बना सको। आदत बनाने पर यह फ़ोकस तुम्हारे लाइफ़स्टाइल में लंबे समय के, टिकाऊ बदलाव लाने में मदद करता है।
Total 66 चैलेंज ज़्यादा टिकाऊ है: Total 66 चैलेंज लंबे समय तक निभाने लायक बनाया गया है, यानी चैलेंज ख़त्म होने के बाद भी तुम अपनी बनाई हेल्दी आदतें जारी रख सकते हो। इससे तुम्हारी प्रोग्रेस बनी रहती है और सेहत आगे भी सुधरती रहती है।
ये कुछ वजहें हैं जिनसे Total 66 चैलेंज कुछ लोगों के लिए 75 Hard चैलेंज से बेहतर हो सकता है। फिर भी याद रखो कि हर किसी का अनुभव अलग हो सकता है, और सबसे ज़रूरी यह है कि ऐसा चैलेंज चुनो जो तुम्हारे लिए मुश्किल भी हो और निभाने लायक भी, ताकि तुम ज़िंदगी भर टिकने वाली हेल्दी आदतें बना सको।
अगर मैं फ़ेल हो जाऊँ तो?▼
रुकावटें या चूक हौसला तोड़ सकती हैं, पर Total 66 चैलेंज परफ़ेक्ट होने के बारे में नहीं, आगे बढ़ने के बारे में है। अगर तुम लड़खड़ा जाओ या कोई दिन छूट जाए, तो घबराओ मत - बस दिन 1 से फिर शुरू करो।
हर दिन आगे बढ़ने और अपने लक्ष्यों के क़रीब पहुँचने का नया मौका है। चैलेंज से जुड़े रहकर और दोबारा शुरू करके तुम दिखाते हो कि ज़्यादा सेहतमंद और ख़ुशहाल ज़िंदगी जीने का तुम्हारा इरादा पक्का है।
66 दिन का समय इसलिए रखा गया है कि तुम अपने लाइफ़स्टाइल और सेहत में टिकाऊ बदलाव ला सको। इसलिए रास्ते में रुकावटें आएँ तो हार मत मानो।
अपना ध्यान उस ज़्यादा सेहतमंद और ख़ुश इंसान पर रखो जो तुम बनना चाहते हो। थोड़ी लगन और डटे रहने से तुम कमाल के नतीजे पा सकते हो और अपनी ज़िंदगी बेहतर बना सकते हो। तुम कर सकते हो!
क्या Total 66 चैलेंज मुश्किल है?▼
यह तुमसे काफ़ी कुछ माँगता है, फिर भी इसे आम ज़िंदगी में फ़िट होने लायक बनाया गया है। Total 66 चैलेंज लचीला है और अलग-अलग लाइफ़स्टाइल और फ़िटनेस लेवल के हिसाब से ढल जाता है।
शारीरिक नियम है: 30 मिनट के छह वर्कआउट और रोज़ 30 मिनट की बाहर वॉक। वर्कआउट कई तरह का हो सकता है: स्विमिंग, रनिंग, बॉक्सिंग, HIIT, घर पर वर्कआउट या जिम सेशन। असली बात यह है कि ऐसी फ़िज़िकल एक्टिविटी चुनो जो तुम्हें पसंद हो और तुम्हारे शेड्यूल में फ़िट बैठे।
हम हिस्सा लेने वालों से यह भी कहते हैं कि अपने वर्कआउट संतुलित और टिकाऊ सोच के साथ करो। हर बार ख़ुद को हद तक धकेलने के बजाय अपनी पूरी क्षमता का 70% लगाने पर ध्यान दो और धीरे-धीरे अपना स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ाओ।
बाकी नियम समझने में आसान हैं और निभाने में मुश्किल: एक घंटे का स्किल सेशन, शराब और ऊपर से मिली चीनी बंद, दो दिन बिना सोशल मीडिया, एक दिन बिना स्क्रीन, रोज़ की डायरी और हफ्तेवार प्रोग्रेस चेक।
याद रखो, चैलेंज की सबसे ज़रूरी बात है हेल्दी आदतें बनाना और अपनी ज़िंदगी में टिकाऊ बदलाव लाना।
कामयाबी के टिप्स?▼
जवाबदेही के दोनों नियमों का इस्तेमाल करो। हर सुबह डायरी में अपने लक्ष्य लिखो और हर शाम दिन का हिसाब। हफ्ते में एक बार अपना वज़न और नाप देखो और एक नई फ़ोटो लो, ताकि तुम अपनी प्रोग्रेस देख सको।
याद रखो, Total 66 चैलेंज में कामयाबी की कुंजी है डटे रहना और अपना ध्यान उस ज़्यादा सेहतमंद और ख़ुश इंसान पर रखना जो तुम बनना चाहते हो। लगन और डटे रहने से तुम कमाल के नतीजे पा सकते हो और अपनी ज़िंदगी बेहतर बना सकते हो।